चाय
के साथ कुछ क्रिस्पी और टेस्टी सर्व करना चाहते हैं तो इस बार चीज बॉल्स
बनाकर देखें। खास बात यह है कि इनको आप अपनी पार्टी के मेन्यू में भी शामिल
कर सकते हैं। इसका स्वाद बच्चाें को खूब पसंद आता है।आइए जानते हैं क्या है इसे बनाने की आसान रेसिपी। सामग्री
उबले आलू : पांच
मोजरेला चीज : एक कप
बारीक कटी मिर्च : तीन
कटा हुआ अदरक : आधा चम्मच
बारीक कटा लहसुन : एक चम्मच
लाल मिर्च पाउडर : आधा चम्मच
हल्दी पाउडर : आधा चम्मच
बारीक हरा धनिया : दो चम्मच
ब्रेड का चुरा : दो चम्मच
नमक : स्वादानुसार
तेल : आवश्यकतानुसार उबले हुए आलू के छिलके को निकलकर उसे अच्छे से मसल लें। अब इसमें हरी मिर्च, अदरक, लहसुन, लाल मिर्च पाउडर, धनिया की पत्ती, नमक और ब्रेड का चूरा डालकर मिलाएं। कड़ाही में तेल गर्म करें। आलू के मिश्रण को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट ले और उनकी छोटी-छोटी लोई बनाएं। हाथ में थोड़ा-सा तेल लगाकर लोई को गोल आकर दें और उसके बीच में उंगली से थोड़ा-सा दबाएं। इसमे मोजरेला चीज को कद्दूकस करके लोई में भर दे और लोई को अच्छे से ढक दें और गोल कर लें। कड़ाही में तेल गर्म होने पर उसमें लोई डालें और हल्की आंच में भूरे होने तक पकाएं। जब यह पक जाए, तो गरमागरम पोटैटो चीज बॉल्स को सॉस के साथ परोसें।नवरात्र में पूजा-पाठ के नियमों का पालन करने के साथ-साथ, जो आहार आप ग्रहण कर रहे हैं, उसके नियमों का पालन करना भी जरूरी है। ऐसा करने से शरीर को पोषण भी पूरा मिलता है आैर आपका चित्त भी सही रहता है।
नवरात्र के नौ दिन जीवन साधने की कला के दिन हैं, ताकि जीवन सार्थक हो सके। नवरात्र में देवी की साधना और अाध्यात्म का अद्भुत संगम होता है। लोग अपनी मनोकामना पूरी करने और देवी मां को खुश करने के लिए व्रत रखते हैं। कुछ श्रद्धालु प्रथम और अंतिम दिन का व्रत रखते हैं, जबकि कई भक्त पूरे नवरात्र का व्रत करते हैं। अब सवाल यह उठता है कि व्रत में खानपान किस प्रकार का होना चाहिए, ताकि व्रत करने से स्वास्थ्य पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े।आयुर्वेद की मानें, तो इस बदलते मौसम में हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता अपने आप कमजोर हो जाती है। इसलिए उपवास के माध्यम से हल्का व सुपाच्य आहार लेकर आप अपने शरीर और मन दोनों को नई ऊर्जा से भर सकती हैं। उपवास के दौरान शरीर में विषैले तत्वों का जमाव बंद हो जाता है और शरीर में पहले से जमे हुए विषैले तत्व तेजी से बाहर निकलने लगते हैं। यही शरीर का `डिटॉक्सीफिकेशन’ कहलाता है। इससे शरीर चुस्त-दुरुस्त और हल्का लगने लगता है।डाइटिशियन सोनिया नारंग कहती हैं कि नवरात्र में नौ दिन का व्रत प्राय: सभी लोग रखते हैं। मगर कुछ लोग ही सही डाइट को फॉलो कर पाते हैं। नतीजा दो-तीन दिन के बाद ही तबीयत बिगड़ने लगती है। डिहाड्रेशन, बदहजमी, सिर दर्द आदि की समस्या होने लगती है। लेकिन सही समय पर सही डाइट लेकर आप नवरात्र का व्रत कर सक
उबले आलू : पांच
मोजरेला चीज : एक कप
बारीक कटी मिर्च : तीन
कटा हुआ अदरक : आधा चम्मच
बारीक कटा लहसुन : एक चम्मच
लाल मिर्च पाउडर : आधा चम्मच
हल्दी पाउडर : आधा चम्मच
बारीक हरा धनिया : दो चम्मच
ब्रेड का चुरा : दो चम्मच
नमक : स्वादानुसार
तेल : आवश्यकतानुसार उबले हुए आलू के छिलके को निकलकर उसे अच्छे से मसल लें। अब इसमें हरी मिर्च, अदरक, लहसुन, लाल मिर्च पाउडर, धनिया की पत्ती, नमक और ब्रेड का चूरा डालकर मिलाएं। कड़ाही में तेल गर्म करें। आलू के मिश्रण को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट ले और उनकी छोटी-छोटी लोई बनाएं। हाथ में थोड़ा-सा तेल लगाकर लोई को गोल आकर दें और उसके बीच में उंगली से थोड़ा-सा दबाएं। इसमे मोजरेला चीज को कद्दूकस करके लोई में भर दे और लोई को अच्छे से ढक दें और गोल कर लें। कड़ाही में तेल गर्म होने पर उसमें लोई डालें और हल्की आंच में भूरे होने तक पकाएं। जब यह पक जाए, तो गरमागरम पोटैटो चीज बॉल्स को सॉस के साथ परोसें।नवरात्र में पूजा-पाठ के नियमों का पालन करने के साथ-साथ, जो आहार आप ग्रहण कर रहे हैं, उसके नियमों का पालन करना भी जरूरी है। ऐसा करने से शरीर को पोषण भी पूरा मिलता है आैर आपका चित्त भी सही रहता है।
नवरात्र के नौ दिन जीवन साधने की कला के दिन हैं, ताकि जीवन सार्थक हो सके। नवरात्र में देवी की साधना और अाध्यात्म का अद्भुत संगम होता है। लोग अपनी मनोकामना पूरी करने और देवी मां को खुश करने के लिए व्रत रखते हैं। कुछ श्रद्धालु प्रथम और अंतिम दिन का व्रत रखते हैं, जबकि कई भक्त पूरे नवरात्र का व्रत करते हैं। अब सवाल यह उठता है कि व्रत में खानपान किस प्रकार का होना चाहिए, ताकि व्रत करने से स्वास्थ्य पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े।आयुर्वेद की मानें, तो इस बदलते मौसम में हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता अपने आप कमजोर हो जाती है। इसलिए उपवास के माध्यम से हल्का व सुपाच्य आहार लेकर आप अपने शरीर और मन दोनों को नई ऊर्जा से भर सकती हैं। उपवास के दौरान शरीर में विषैले तत्वों का जमाव बंद हो जाता है और शरीर में पहले से जमे हुए विषैले तत्व तेजी से बाहर निकलने लगते हैं। यही शरीर का `डिटॉक्सीफिकेशन’ कहलाता है। इससे शरीर चुस्त-दुरुस्त और हल्का लगने लगता है।डाइटिशियन सोनिया नारंग कहती हैं कि नवरात्र में नौ दिन का व्रत प्राय: सभी लोग रखते हैं। मगर कुछ लोग ही सही डाइट को फॉलो कर पाते हैं। नतीजा दो-तीन दिन के बाद ही तबीयत बिगड़ने लगती है। डिहाड्रेशन, बदहजमी, सिर दर्द आदि की समस्या होने लगती है। लेकिन सही समय पर सही डाइट लेकर आप नवरात्र का व्रत कर सक
अगर
आप व्रत के दौरान अपना वजन नहीं बढ़ाना चाहती हैं, तो आलू या आलू के चिप्स
खाने की बजाए ताजे फल-सब्जियों की सलाद खाएं। व्रत के दौरान तला-भुना खाने से बचें। नमकीन और पकौड़े खाने की बजाए रोस्टेड मखाने का प्रयोग करें। आप
रोजमर्रा से अलग संतुलित और नियंत्रित, पौष्टिक और हल्का खाना खाएंगे, तो
शरीर और मन दोनों को नई ऊर्जा मिलेगी। इस बात का जरूर ध्यान रखें कि उपवास
में खाने के बीच लंबा अंतराल न रहे।
ती हैं। उपवास के दौरान डिहाइड्रेशन से बचने के लिए लिक्विड डाइट ज्यादा लें। इनमें पानी, जूस, छाछ, नारियल पानी, नींबू पानी के साथ दूध
आदि भी शामिल करें।डाइटिशियन का कहना है कि तरल पदार्थ की सही मात्रा शरीर को हल्का रखने के साथ आवश्यक मिनरल्स व विटामिन्स के जरिये ऊर्जा भी देती रहेगी, जिससे आप
थकावट व आलस का अनुभव नहीं करेंगी। हल्के ठोस आहार के रूप में आप सेंधा नमक
वाली साबूदाने की खिचड़ी का प्रयोग कर सकती हैं। कार्बोहाइड्रेट से भरपूर
साबूदाना तुरंत ऊर्जा देने में सक्षम है। बीच-बीच में खाने के लिए फलों की
चाट भी फायदेमंद है, क्योंकि फलों में कैलोरीज कम होती हैं और इनमें
कार्बोहाइड्रेट और फाइबर प्रचुर मात्रा में होते हैं। सेब, अनार, केला, पपीता, खजूर का सेवन करें। इसके साथ ही लौकी और उबले आलू का प्रयोग फलाहार के रूप में कर सकती हैं।दूध से बनी हुई चीजें उपवास में विशेष रूप से खाएं। व्रत में कूट्टू,
सिंघाड़े के आटे की रोटी बनाकर हरी चटनी के साथ खाने का आनंद लें। सीताफल की
सब्जी व सावां के चावल की खिचड़ी दही के साथ खा सकती हैं। व्रत के दौरान ताजा दही आप ले सकती हैं। दही का प्रोटीन गुणकारी होता है। इससे 60 कैलोरी
ऊर्जा मिलती है। इसीलिए व्रत में थोड़ा-सा दही खाने से भी पेट भरा लगता है।
दही खाने से प्यास भी अधिक नहीं लगती।
No comments:
Post a Comment